Important Information about Coronavirus in Hindi for Awareness

Coronavirus in Hindi

Coronavirus in Hindi –

कोरोना का हर जगह जो आतंक फैला है उसका कारण है उसका तेजी से फैलना। कोरोना वायरस इंसान की कमजोरियों पर हमला करता है, इसीलिए इतनी तेजी से फैलता है और इसका अंत करने के लिए हमें भी इसकी कमजोरियों का फायदा उठाना होगा।

   पहले तो मैं ये क्लियर कर दूँ की अभी तक मतलब 21 मार्च 2020 तक इसके लिए किसी विशेष दवा का पता नहीं चला है।

भले ही इसकी दवाई नहीं बनी हो लेकिन ये भी सही है की दूसरी दवाइयों के द्वारा इसके कई मरीजों को डोकटोरों ने ठीक किया है। इसलिए इससे बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं लेकिन सावधानी पूरी बरतनी चाहिए। बुद्धिमानों का मानना है की इलाज से बेहतर है की बीमारी होने ही ना दें (prevention is better than cure)।

इस वायरस की एक ही नहीं बल्कि बहुत सारी कमजोरियाँ हैं।

  • अपनी imunity बढ़ाने से हमे इससे बचने में मदद होगी। इसके उपाए मैं आगे आपको बताऊँगा।
  • वायरस का शरीर और उनकी प्रक्रियाएं बहोत ही साधारण होती हैं। इसीलिए virusese को फैलने के लिए किसी होस्ट और अनुकूल वातावरण बेहद जरूरी होता है। यहाँ अनुकूल का मतलब अच्छा बिल्कुल मत समझिएगा। जहां गंदगी होती है, जहां मांसाहारियों के लिए नोनवेज बनाने के लिए जानवरों को एक साथ रखा जाता है वहाँ ऐसे वायरस तैयार होते हैं और एक जानवर से दूसरे में आसानी से फैलते हैं और फिर उसे खाने वाले इंसान से बाकी में फैलते हैं। इतना ही नहीं जब भी हम प्रकृति के नियमों को तोड़ते हैं तो वायरस के तैयार होने के और फैलने के चांस बढ़ जाते हैं।

अपने फायदे के लिए जब हम पेड़ों और जानवरों की कई प्रजातियाँ खत्म कर देते हैं तो उनके द्वारा बनाने वाले बहुत से biochemicals नहीं बनते जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है और कोई वायरस या बीमारी या महामारी या चक्रवाती तूफान या कीड़ों का स्वॉर्म या ग्लोबल वोर्मिनग या ओज़ोन का खत्म होना जैसा कोई संकट उत्पन्न होता है।

जरा सोचिए जैसे जैसे मेडिकल साइंस आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे कैंसर और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं क्यों बढ़ रही हैं? उसे तो कम होना चाहिए ना। क्यों?

जैसे सांस लेने के लिए उसे छोड़ना जरूरी होता है। अनाज उगाने के लिए हमें उसे धरती पर डालना होता है वैसे ही जब तक हम फिर से प्रकृति का ध्यान रखना नहीं सीखेंगे तब तक प्रकृति भी हमारा ध्यान क्यों रखेगी?

हमारा हाल उस पतंग की तरह है जिसे लगता है की धागे ने उसे ऊपर जाने से रोके रक्खा है। जैसे धागा कटने के बाद पतंग नीचे गिर जाता है वैसे ही अपनी संस्कृति से दूर होकर हम बीमारी और दुनिया भर की मुसीबतों का शिकार बन जाते हैं।

और हंसी तो तब आती है जब हमारी ही संस्कृति को कोई अंग्रेज सिखाता है और हम उसे बड़े शान से ग्रीन टेक्नॉलजी जैसे बड़े बड़े नाम से स्वीकारते हैं।

इसे ठीक करने के उपाय  

दूरी बनाना और प्रतिबंध सबसे जरूरी है। जितना हो सके उतनी सतर्कता बरतें और सफाई से रहें!

 इससे बचने के लिए आपको अपना जिंक इंटेक, neutrients, कैल्सीअम इन्हें बैलन्स करना होगा। अंटीऑक्सीडेंट्स को बढ़ाना होगा ऑक्सीजें इंटके भी बढ़ाना होगा ताकि आपके शरीर का immune response अच्छा हो।  

       लेकिन ये कठिन हो तो आगे कुछ आसान और घरेलू उपाय बताए हैं जो ज्यादा बेहतर भी है।

  • अदरक, काली मिर्च और हल्दी ज्यादा खाएं

ये immune सिस्टम को मजबूत बनाएगा जिससे आप की सुरक्षा बढ़ जाएगी

हल्दी में तो इतनी शक्ति होती है की अब कैंसर के सेल्स को खत्म करने के लिए भी उसका उपयोग किया जा रहा है।

   इसके अलावा अगर आपके पास तुलसी का पौधा हो तो उसके 1-2 पत्ते रोज खाना चाहिए। इससे रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ती है और शरीर की सभी प्रकार की कमजोरी दूर होती है। गिलोय की लकड़ी का काढ़ा या उसे उबाल कर उसका पानी पीना भी बीमारियों से बचने और उनके इलाज के लिए बहुत अच्छा होता है।   

  • रोज प्राणायाम करें
Meditation for safety from corona virus in hindi

वायरस नेगटिव एनर्जी से बनते हैं और उन्मे खुद भी नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) ही होता है इसलिए सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) वो बर्दश नहीं कर सकते। प्राणायाम से आपकी पोसीटिव एनर्जी बहुत बढ़ जाती है और रोग आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

  • घंटी बजाए और मंत्र पढ़ें या सुनें

हाई फ्रीक्वन्सी किटाणुओं को खत्म करती है और घंटी से वही high frequency निकलती है जिससे ये रोगजन्तु खत्म होते हैं। विशेषकर मंदिर की घंटी बनाने का जो पारंपरिक तरीका होता है उसमे पाँच तरह के मेटल जिसे पांच धातु कहते हैं, उससे बनाया जाता है। जो रोग जंतुओं और नेगटिव एनर्जी को खत्म करने के लिए बहुत सक्षम होती है।

हो सकता है आप सोचे की ये तो हमारी सभ्यता से जुड़ी बात है इससे रोग कैसे ठीक होगा? इसका उत्तर छुपा है आज के सबसे मॉडर्न विज्ञान – quantum साइंस में।  

Quantum Science के अनुसार सारा संसार जिन अणुओं से बना है वे खुद बहुत सूक्ष्म पार्टिक्लस से बने हैं। ये सूक्ष्म पार्टिकल कोई मटीरीअल नहीं होते बल्कि एनर्जी की फील्ड होते हैं जो वाइब्रैट होते हैं। प्रयोगों में पाया गया है की ये quantum पार्टिक्लस हमारी सोच के अनुसार react करते हैं। मतलब हम जैसी फ्रीक्वन्सी छोड़ेंगे संसार में उसी के अनुसार बदलाव आएगा जो वापस हमपर ही असर करेगा।

इसीसे जुड़ा एक बहोत प्रसिद्ध प्रयोग है जिसे कहते है spooky action phenomenon of quantum particles.

  • धूप या घी का दिया जलाएं, हो सके तो हवन करें, अगर सरकार कोरोना वायरस के लिए जो खर्चा कर रही है उसीके साथ यज्ञ भी करवाए तो ये वायरस खत्म हो जाएगा।

वायरस की रचना खास तरह के प्रोटीन से होती है उनका जनेटिक मटीरीअल बहुत कम होता है इसीलिए वायरस किसी खास परिस्थिति में ही फैल पाते हैं।

  • बीमार लोगों से दूर रहें

और सबसे जरूरी

  • सेरियल्स, न्यूज (जी न्यूज के dna को छोड़ कर) और अफवाहों से दूर रहें।

इससे से आप सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि सभी तरह की बीमारियों से दूर रहेंगे।

इसे माने या ना मानें ये आप पर निर्भर है लेकिन अगर आप जानना चाहते हैं की इससे क्या होगा तो मैं आपको बताता हूँ। अगर कोई भारतीय कुछ सही बताता है तो हम सबूत मांगते हैं इसलिए मैं सबूत से ही शुरुआत करता हूँ। क्या आप प्लेसीबो इफेक्ट (placebo effect) जानते हैं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया की हम जो सोचते हैं वैसा ही हमारा शरीर भी हो जाता है। एक रिसर्च में कुछ घुटनों के मरीजों दो समूहों में बाँट दिया गया एक ग्रुप का सही ऑपरेशन किया गया जबकि दूसरे ग्रुप वालों का असली ऑपरेशन नहीं किया गया बल्कि सिर्फ ऑपरेशन जैसी मरहम पट्टी कर दी गई। सभी मरीजों को यहीं लगा की उनका सही ऑपरेशन हुआ है और आश्चर्यजनक रूप से दोनों समूहों के मरीजों को एक समान राहत मिली!

कुछ प्रयोगों में देखा गया की जब रोगियों की असली दवा की जगह सिर्फ चीनी की गोली दी गई तब भी उन्हे बीमारी से वैसी ही राहत मिली जैसी असली दवा से मिलती है।

इसीलिए आपको हमेशा सकारात्मक ही देखना चाहिए और अपने बारे में अच्छा ही सोचना चाहिए।

इसके विपरीत ये भी पता चला है की तनाव (stress) से हमारा शरीर कमजोर होता है और बीमारियाँ बढ़ती हैं। तनाव उत्पन्न होता है नकारात्मक सोच से और नकारात्मक सोच उत्पन्न होती है नकारात्मक देखने और सुनने से सेरियल्स और न्यूज तो पूरे negativity ही होते हैं। सेरियल्स में हर किसी को एक दूसरे के दुश्मन के रूप में पेश किया जाता है यहाँ तक की माँ बाप बच्चे और दादा दादा दादी को भी नहीं बक्षा जाता। हर रोज कोई किसी की मदद करता है कोई खिलाड़ी कोई प्रतियोगिता जीतता है कोई मेहनत से देश को आगे ले जाता है लेकिन न्यूज में सिर्फ और सिर्फ अपराध ही दिखाया जाता है। जब पब्लिक किसी अपराधी को सजा नहीं दे सकती तो उसके न्यूज का क्या अचार डालेगी? लेकिन सुधीर चौधरी जी का डीएनए काफी अलग है उसमें कई बार प्रेरणात्मक जानकारी होती है, उसमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है, कई बातें उसमें जनता से जुड़ी भी होती हैं।

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इस बारे में वीडियो आप यहाँ देख सकते है –

Coronavirus ki aur jankari aap WHO ki website me le sakte hai, uske liye yaha click kare – WHO – Corona Virus

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